जिस शिशु का जन्म चन्द्रमा के ज्येष्ठा नक्षत्र के चरण 2 में होता है, उसका नाम परंपरा से या अक्षर से रखा जाता है। तब चन्द्रमा वृश्चिक राशि में होता है। नीचे इस अक्षर से शुरू होने वाले 9 नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
लड़कों के नाम
- यश (Yash) — कीर्ति
- यतिन (Yatin) — संन्यासी
- यजत (Yajat) — यज्ञ करने वाला
- यात्री (Yatri) — यात्री
- यशस (Yashas) — यश
लड़कियों के नाम
- यशवी (Yashvi) — यशस्वी
- यामिनी (Yamini) — रात
- यमुना (Yamuna) — यमुना नदी
- यशिका (Yashika) — कीर्ति
ज्येष्ठा नक्षत्र के बारे में
ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध हैं और यह वृश्चिक राशि में आता है। इसके चारों चरणों के अक्षर हैं: नो, या, यी, यू। ज्येष्ठा नक्षत्र के सभी नाम देखें।
नक्षत्र पता नहीं है?
जन्म की तिथि, समय और स्थान डालकर मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर से नक्षत्र और चरण जानें। आज का नक्षत्र देखना हो तो आज का पंचांग देखें। जन्म-तिथि की योजना बना रहे हैं? शुभ जन्म तिथि गाइड पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 2 के लिए बच्चों के नाम क्या हैं?
ज्येष्ठा चरण 2 का नाम-अक्षर “या” है। इस अक्षर से शुरू होने वाले नामों में यश, यशवी, यामिनी, यमुना, यतिन आदि शामिल हैं, जो ऊपर अर्थ सहित दिए गए हैं।
ज्येष्ठा चरण 2 की राशि कौन सी है?
ज्येष्ठा चरण 2 वृश्चिक राशि (Vrischika) में आता है, जिसके स्वामी मंगल हैं।
क्या इन्हीं अक्षरों से नाम रखना ज़रूरी है?
नहीं। नक्षत्र के अक्षर से नाम रखना एक परंपरा है जिसे बहुत से परिवार मानते हैं, पर यह अनिवार्य नहीं है। अर्थ, पारिवारिक पसंद और उच्चारण की सरलता के साथ इसे एक प्रेरणा की तरह इस्तेमाल करें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।