वैदिक परंपरा में शिशु का नाम अक्सर उस नक्षत्र के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चन्द्रमा था। मूल के स्वामी ग्रह केतु हैं। इसके नाम-अक्षर हैं: ये, यो, भा, भी। नीचे हर चरण के नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
चरण 1: “ये” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि धनु)
3 नाम — चन्द्रमा के मूल चरण 1 में जन्मे शिशुओं के लिए।
लड़कों के नाम
- यशवंत (Yeshwant) — यशस्वी
- यशस (Yeshas) — कीर्ति
लड़कियों के नाम
- यशस्विनी (Yeshaswini) — प्रसिद्ध, सफल
चरण 2: “यो” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि धनु)
5 नाम — चन्द्रमा के मूल चरण 2 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 2 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- योगेश (Yogesh) — योग के स्वामी
- योगेंद्र (Yogendra) — योगियों के स्वामी
लड़कियों के नाम
- योगिता (Yogita) — योग करने वाली
- योगिनी (Yogini) — महिला योगी
- योषिता (Yoshita) — स्त्री, युवती
चरण 3: “भा” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि धनु)
10 नाम — चन्द्रमा के मूल चरण 3 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 3 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- भरत (Bharat) — भारत; एक पौराणिक राजा
- भावेश (Bhavesh) — अस्तित्व के स्वामी
- भार्गव (Bhargav) — भृगु के वंशज
- भास्कर (Bhaskar) — सूर्य
- भानु (Bhanu) — सूर्य
लड़कियों के नाम
- भव्या (Bhavya) — भव्य, शानदार
- भूमि (Bhumi) — पृथ्वी
- भक्ति (Bhakti) — भक्ति
- भावना (Bhavna) — भाव, अनुभूति
- भारती (Bharati) — देवी सरस्वती
चरण 4: “भी” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि धनु)
3 नाम — चन्द्रमा के मूल चरण 4 में जन्मे शिशुओं के लिए।
लड़कों के नाम
- भीम (Bhima) — बलशाली पांडव
- भीष्म (Bhishma) — महाभारत के प्रतिज्ञावान पितामह
- भीमसेन (Bhimsen) — भीम का दूसरा नाम
मूल के बारे में और जानें
अपना नक्षत्र जानने के लिए मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर आज़माएँ, आज का नक्षत्र आज के पंचांग में देखें, या शुभ जन्म तिथि गाइड पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मूल नक्षत्र के लिए कौन से अक्षर हैं?
मूल नक्षत्र में जन्मे शिशु का नाम परंपरा से ये, यो, भा, भी अक्षरों से रखा जाता है — चारों चरणों के लिए एक-एक अक्षर।
मूल कौन सी राशि में आता है?
मूल नक्षत्र धनु राशि में आता है। हर चरण की राशि ऊपर उसके अक्षर के साथ दी गई है।
अपने शिशु का नक्षत्र कैसे जानें?
यह जन्म के सही क्षण में चन्द्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है। जन्म की तिथि, समय और स्थान मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर में डालें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।