जिस शिशु का जन्म चन्द्रमा के पुनर्वसु नक्षत्र के चरण 1 में होता है, उसका नाम परंपरा से के अक्षर से रखा जाता है। तब चन्द्रमा मिथुन राशि में होता है। नीचे इस अक्षर से शुरू होने वाले 8 नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
लड़कों के नाम
- केशव (Keshav) — भगवान कृष्ण
- केतन (Ketan) — घर, ध्वज
- केसरी (Kesari) — सिंह; केसर
- केदार (Kedar) — भगवान शिव
लड़कियों के नाम
- केतकी (Ketaki) — एक सुगंधित फूल
- केया (Keya) — एक सुगंधित फूल
- कीर्ति (Keerthi) — यश
- केशवी (Keshavi) — भगवान कृष्ण की कृपा
पुनर्वसु नक्षत्र के बारे में
पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) हैं और यह मिथुन और कर्क राशि में आता है। इसके चारों चरणों के अक्षर हैं: के, को, हा, ही। पुनर्वसु नक्षत्र के सभी नाम देखें।
नक्षत्र पता नहीं है?
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 के लिए बच्चों के नाम क्या हैं?
पुनर्वसु चरण 1 का नाम-अक्षर “के” है। इस अक्षर से शुरू होने वाले नामों में केशव, केतन, केतकी, केसरी, केया आदि शामिल हैं, जो ऊपर अर्थ सहित दिए गए हैं।
पुनर्वसु चरण 1 की राशि कौन सी है?
पुनर्वसु चरण 1 मिथुन राशि (Mithuna) में आता है, जिसके स्वामी बुध हैं।
क्या इन्हीं अक्षरों से नाम रखना ज़रूरी है?
नहीं। नक्षत्र के अक्षर से नाम रखना एक परंपरा है जिसे बहुत से परिवार मानते हैं, पर यह अनिवार्य नहीं है। अर्थ, पारिवारिक पसंद और उच्चारण की सरलता के साथ इसे एक प्रेरणा की तरह इस्तेमाल करें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।