जिस शिशु का जन्म चन्द्रमा के शतभिषा नक्षत्र के चरण 4 में होता है, उसका नाम परंपरा से सू अक्षर से रखा जाता है। तब चन्द्रमा कुम्भ राशि में होता है। नीचे इस अक्षर से शुरू होने वाले 10 नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
लड़कों के नाम
- सुरेश (Suresh) — देवताओं के स्वामी
- सुमित (Sumit) — अच्छा मित्र
- सुहास (Suhas) — सुंदर मुस्कान
- सूर्य (Surya) — सूर्य देव
- सूरज (Suraj) — सूर्य
- सुदर्शन (Sudarshan) — विष्णु का चक्र; सुंदर दिखने वाला
लड़कियों के नाम
- सुनीता (Sunita) — सुशील
- सुजाता (Sujata) — उच्च कुल में जन्मी
- सुधा (Sudha) — अमृत
- सुकन्या (Sukanya) — सुशील कन्या
शतभिषा नक्षत्र के बारे में
शतभिषा नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं और यह कुम्भ राशि में आता है। इसके चारों चरणों के अक्षर हैं: गो, सा, सी, सू। शतभिषा नक्षत्र के सभी नाम देखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शतभिषा नक्षत्र चरण 4 के लिए बच्चों के नाम क्या हैं?
शतभिषा चरण 4 का नाम-अक्षर “सू” है। इस अक्षर से शुरू होने वाले नामों में सुरेश, सुनीता, सुजाता, सुमित, सुधा आदि शामिल हैं, जो ऊपर अर्थ सहित दिए गए हैं।
शतभिषा चरण 4 की राशि कौन सी है?
शतभिषा चरण 4 कुम्भ राशि (Kumbha) में आता है, जिसके स्वामी शनि हैं।
क्या इन्हीं अक्षरों से नाम रखना ज़रूरी है?
नहीं। नक्षत्र के अक्षर से नाम रखना एक परंपरा है जिसे बहुत से परिवार मानते हैं, पर यह अनिवार्य नहीं है। अर्थ, पारिवारिक पसंद और उच्चारण की सरलता के साथ इसे एक प्रेरणा की तरह इस्तेमाल करें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।