वैदिक परंपरा में शिशु का नाम अक्सर उस नक्षत्र के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चन्द्रमा था। विशाखा के स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) हैं। इसके नाम-अक्षर हैं: ती, तू, ते, तो। नीचे हर चरण के नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
चरण 1: “ती” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि तुला)
4 नाम — चन्द्रमा के विशाखा चरण 1 में जन्मे शिशुओं के लिए।
लड़कों के नाम
- तिलक (Tilak) — माथे का चिह्न
- तीर्थ (Tirth) — पवित्र स्थान
लड़कियों के नाम
- तिलोत्तमा (Tilottama) — एक स्वर्गीय अप्सरा
- तितिक्षा (Titiksha) — सहनशीलता
चरण 2: “तू” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि तुला)
7 नाम — चन्द्रमा के विशाखा चरण 2 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 2 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- तुषार (Tushar) — बर्फ़
- तुहिन (Tuhin) — बर्फ़
- तुकाराम (Tukaram) — संत-कवि
लड़कियों के नाम
- तुलसी (Tulsi) — पवित्र तुलसी
- तुषिता (Tushita) — संतुष्ट
- तूलिका (Tulika) — चित्रकार की कूची
- तुहिना (Tuhina) — बर्फ़
चरण 3: “ते” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि तुला)
6 नाम — चन्द्रमा के विशाखा चरण 3 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 3 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- तेजस (Tejas) — तेज, प्रकाश
- तेज (Tej) — चमक
- तेजस्वी (Tejaswi) — चमकदार
- तेजेंद्र (Tejendra) — तेज के स्वामी
लड़कियों के नाम
- तेजल (Tejal) — चमकदार
- तेजस्विनी (Tejaswini) — तेजस्वी
चरण 4: “तो” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि वृश्चिक)
4 नाम — चन्द्रमा के विशाखा चरण 4 में जन्मे शिशुओं के लिए।
लड़कों के नाम
- तोरण (Toran) — द्वार पर सजावटी मेहराब
- तोषित (Toshit) — संतुष्ट
लड़कियों के नाम
- तोषा (Tosha) — संतोष
- तोया (Toya) — जल
विशाखा के बारे में और जानें
अपना नक्षत्र जानने के लिए मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर आज़माएँ, आज का नक्षत्र आज के पंचांग में देखें, या शुभ जन्म तिथि गाइड पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशाखा नक्षत्र के लिए कौन से अक्षर हैं?
विशाखा नक्षत्र में जन्मे शिशु का नाम परंपरा से ती, तू, ते, तो अक्षरों से रखा जाता है — चारों चरणों के लिए एक-एक अक्षर।
विशाखा कौन सी राशि में आता है?
विशाखा नक्षत्र तुला और वृश्चिक राशि में आता है। हर चरण की राशि ऊपर उसके अक्षर के साथ दी गई है।
अपने शिशु का नक्षत्र कैसे जानें?
यह जन्म के सही क्षण में चन्द्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है। जन्म की तिथि, समय और स्थान मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर में डालें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।