वैदिक परंपरा में शिशु का नाम अक्सर उस नक्षत्र के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चन्द्रमा था। आश्लेषा के स्वामी ग्रह बुध हैं। इसके नाम-अक्षर हैं: डी, डू, डे, डो। नीचे हर चरण के नाम अर्थ सहित दिए गए हैं।
चरण 1: “डी” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि कर्क)
8 नाम — चन्द्रमा के आश्लेषा चरण 1 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 1 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- दिनेश (Dinesh) — दिन के स्वामी, सूर्य
- दिलीप (Dilip) — रघुवंश के एक राजा
- दिग्विजय (Digvijay) — सभी दिशाओं का विजेता
लड़कियों के नाम
- दिव्या (Divya) — दिव्य
- दिशा (Disha) — दिशा
- दीया (Diya) — दीपक
- दीक्षा (Diksha) — दीक्षा
- दीप्ति (Dipti) — चमक
चरण 2: “डू” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि कर्क)
5 नाम — चन्द्रमा के आश्लेषा चरण 2 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 2 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- दुष्यंत (Dushyant) — एक राजा, शकुंतला के पति
- दुर्वासा (Durvasa) — एक महान ऋषि
लड़कियों के नाम
- दुर्गा (Durga) — देवी दुर्गा
- दुहिता (Duhita) — पुत्री
- दुलारी (Dulari) — प्यारी
चरण 3: “डे” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि कर्क)
7 नाम — चन्द्रमा के आश्लेषा चरण 3 में जन्मे शिशुओं के लिए। चरण 3 के सभी नाम →
लड़कों के नाम
- देवांश (Devansh) — ईश्वर का अंश
- देवेंद्र (Devendra) — इंद्र, देवताओं के राजा
- दीपक (Deepak) — दीया
लड़कियों के नाम
- देविका (Devika) — छोटी देवी
- दीपिका (Deepika) — छोटा दीपक
- देवी (Devi) — देवी
- दीपा (Deepa) — दीया
चरण 4: “डो” से शुरू होने वाले नाम (चन्द्र राशि कर्क)
1 नाम — चन्द्रमा के आश्लेषा चरण 4 में जन्मे शिशुओं के लिए।
लड़कियों के नाम
- डोला (Dola) — झूला
मिलती-जुलती ध्वनि वाले नाम
“डो” से शुरू होने वाले पारंपरिक नाम बहुत कम हैं। परिवार अक्सर निकटतम ध्वनि वाला नाम चुनते हैं:
- ध्रुव (Dhruv) — ध्रुव तारा
- धृति (Dhriti) — धैर्य, दृढ़ता
आश्लेषा के बारे में और जानें
अपना नक्षत्र जानने के लिए मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर आज़माएँ, आज का नक्षत्र आज के पंचांग में देखें, या शुभ जन्म तिथि गाइड पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आश्लेषा नक्षत्र के लिए कौन से अक्षर हैं?
आश्लेषा नक्षत्र में जन्मे शिशु का नाम परंपरा से डी, डू, डे, डो अक्षरों से रखा जाता है — चारों चरणों के लिए एक-एक अक्षर।
आश्लेषा कौन सी राशि में आता है?
आश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में आता है। हर चरण की राशि ऊपर उसके अक्षर के साथ दी गई है।
अपने शिशु का नक्षत्र कैसे जानें?
यह जन्म के सही क्षण में चन्द्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है। जन्म की तिथि, समय और स्थान मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर में डालें।
नाम-अक्षर उत्तर भारत की सबसे प्रचलित परंपरा के अनुसार हैं; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अक्षर थोड़े भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से पूछ लें। नक्षत्र जन्म के सही समय, स्थान और तिथि पर चन्द्रमा की स्थिति से तय होता है।